मॉडर्न इण्डिया का सच

कहने को तो इण्डिया बहोत तेजी से विकसित हो रहा है ,पर यहाँ की सोच में परिवर्तन हो रहा है ,मेरे हिसाब से तो नही ,हम टेक्नोलॉजिय में आगे बढ़ रहे परन्तु हमारी सोच अब भी पिछड़ा है । न जाने क्यू हम आज भी जब किसी चाय या पान की दुकानों पे खड़े होते है तो अगर हम एक ही समुदाय से तालुकात रखते है तो हमेशा दूसरे सामुदाय या धर्म की बुराई ही करेंगे । आज के भारत का ऐसा मोहाल है कि हम हमेशा अपने से दूसरे समुदाय को  निचा दिखाने की कोशिश करते रहते है । इण्डिया में जहाँ देखो  लोग आज कल हिन्दू -मुस्लिम  अयोध्या बाबरी मस्जिद के बारे मैं ही बाते हो रही है ।ये लोग की सोच की दाद देने पड़ेगी मुझे ये समझ नही आता की अगर अयोध्या में मंदिर बन भी जायेगा या मान लो मस्ज़िद बन गया तो उसे आम नागरिक का क्या फायदा होने वाला है ,ज्यादा से ज्यादा आप एक वर्ष में एक बार जाके वहाँ जाके पूजा या नमाज पढेंगे मेरे हिसाब से इससे ज्यादा न कोई हिन्दू कर सकते है न ही मुसलमान कर सकता है ,और तो आज की पीढ़ी वहाँ जाकें एक दो सेल्फ़ी लेंगें उससे ज्यादा और कुछ होने वाला नही है। आज के यूवा को यह चाहिये कि वह आगे आये और ये हिन्दू मुस्लिम से हट कर कुछ अलग सोचने की जरुरत है ,हमारे राज़ नेता भी महान है,  उनकी सोच को सलाम अपने कुर्सी को बचाने के लिए वह कुछ भी भड़काऊ बयान देते रहते है ।इनकी सोच और अंग्रेजो की सोच में कोई फ़र्क नही है उन्होंने भी राज्य करने के लिए हिन्दू व् मुस्लिम को लड़ाया और आज भी हमारे नेता लोग यही कर रहे है ।इंडिया के नवजवानों उठो जागो और सोचो की हम किसका साथ दे रहे जो इंसानों को इन्सानियत की तरह नही जाती और धर्म की तरह देख रहे है।आज हमें सोचने की जरुरत है यार हम क्यों ऐसा कर रहे है ,ऐसा करने के फायदे व् नुकसान क्या है अगर हम अपने देश का पूरी तरह से विकास करना है तो हमे एक जुट होना होगा हमें बता देना होगा की जब हम एक है हम ये फालतू के समस्या को नही मानते दोस्तों आज हमें सोचने की जरुरत है कि हम ये हिन्दू मुस्लिम करते रहे या मिल कर एक निर्मल भारत बनाने में संयोग करे ।सोच बदलने की जरुरत है दोस्तों  बहकावे में मत आइये ,और कुछ करने से पहले एक बार सोचिये की जो हम करने जा रहे है वह सही है या नही ,आपकी सोच ही भारत को आगे बदह सकता है दोस्तों । साथी हाथ बढ़ाना एक अकेला तजक जायेगा हमें आज जरुरत है ,की हम मिल के ये दिखा दे की नही हम एक दूसरे के बिना कुछ नही हम फिर से एकता की नही पहचान पुरे विस्व में दे दे की हमें गर्व है कि हम भारतीय है और यहाँ हर एक धर्म के लोगो को आजादी ही अपने तरीको से जीने की ।हम फिर से वही पुराना भारत बना दे दोस्तों जहाँ हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सारे धर्म के लोग भाई थे धन्यवाद् दोस्तों  मेरे पोस्ट द्वारा किसी भी जाती या धर्म के लोगो को ढेश पहुची हो तो हमें मॉफ कीजियेगा 

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